एसिडिटी का कारण लक्षण और इलाज Acidity Symptoms Cause Treatment in Hindi(Acidity in Hindi)

क्या आप एसिडिटी से परेशान हैं?
क्या गैस, बदहज़मी और पेट में जलन ने आपको परेशान कर रखा है?
क्या आप Acidity के घरेलु इलाज जानना चाहते हैं?

अगर हाँ तो  इस पोस्ट को पूरा और ध्यान लगा के पढाये क्यूंकि हम आपको यहाँ Acidity से जुडी सारी समस्या का इलाज बताएँगे।

आज के युग में पेट में गैस या अम्लता की शिकायत बढ़ती चली जा रही है। नए आधुनिक काल के रहन सहन और खान-पान ही इसका सबसे बड़ा कारण है परन्तु कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो बहुत कुछ परहेज़ करने पर भी उन्हें Acidity की शिकायतटी रहती है।

acidity in hindi
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एसिडिटी क्या है – WHAT IS ACIDITY in Hindi :-

Acidity की समस्या तब होती है जब पेट की गैस्ट्रिक ग्रंथियों में एसिड का अतिरिक्त स्राव होता है, जिसके कारण हमारे शरीर में गैस होती है और पेट में दर्द और अन्य लक्षण होते हैं। acidity के कई कारण हो सकते हैं जैसे मसालेदार खाना ,तनाव,धूम्रपान, शराब, शारीरिक गतिविधि की कमी, खाने के पैटर्न में अनियमितता। आमतौर पर acidity उन लोगो में ज्यादा होती है जो मासाहारी, तेल और मसालेदार भोजन खाते हैं। इन सब के आलावा खाने के बीच लंबी दूरी, खाली पेट या चाय, कॉफी, धूम्रपान या शराब के अत्यधिक सेवन के कारण भी हमारे पेट में गैस बनती है।

acidity से पीड़ित लोग पेट में जलन महसूस करते हैं। इसके आलावा खट्टे डकार भी आती है। कभी-कभी एसिडिटी वाले लोगों में कब्ज और अपच जैसी समस्या भी देखी जाती है।जब पेट की ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा हाइड्रो क्लोरिक एसिड  निकालने लगते हैं तो यह एसिडिटी का रूप धारण कर लेता है। ज्यादा एसिड निकलने के कारण पेट में अपचन (खाना हज़म ना होना), छाती में जलन ,आमाशय में सुजन, और अलसर जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

लोगों में एसिडिटी की शिकायत दिनो-दिन बढ़ते चले जा रहा है। आज के युग में जहा देखों खेतों में कई प्रकार के जहरीले उर्वरक और कीटनाशकों का उपयोग हो रहा है जो बाद में एसिडिटी और कई अन्य बड़े बिमारियों का कारण भी बन रहा है। एसिडिटी के सबसे ज्यदा मरीज़ उन देशों में पाए गए हैं जहाँ पर लोग ज्यादा चटपटा खाते हैं और मांसाहारी हैं।

एसिडिटी कैसे होती है :-

जो खाना हम खाते हैं वह पेट में एसोफैगस को गुजरता है। पेट में गैस्ट्रिक ग्रंथियां एसिड बनाती हैं जो भोजन को पचाने और किसी भी रोगाणुओं को मारने के लिए आवश्यक होती है। अम्लता तब होती है जब गैस्ट्रिक ग्रंथियां पाचन प्रक्रिया के लिए आवश्यकतानुसार बड़ी मात्रा में एसिड उत्पन्न करती हैं। भारतीयों द्वारा तेल और मसालेदार खाद्य पदार्थों की भारी खपत के कारण भारत में यह स्थिति बहुत आम है।

एसिडिटी के कारण क्या हैं – WHAT ARE CAUSES OF ACIDITY :-

एसिडिटी होने के कुछ मुख्य कारण हैं –

1. चटपटा,फैट और तेल युक्त भोजन  SPICY FATTY AND  OILY FOODS :-

 SPICY FATTY AND  OILY FOODS
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जो लोग मांसाहारी नहीं है वो लोग अपने खाने में क्यातर तेल, मिर्ची, मसाले, और फैट (घी, दही) युक्त भोजन का उपयोग करते हैं। ऐसा भोजन भी एसिडिटी का मुक्य कारण होता है। इसलिए जितना हो सके उतना तेल का उपयोग खाने में कम करना चाहिए।

2.धुम्रपान और शराब SMOKING AND ALCOHOL :-

SMOKING AND ALCOHOL
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सिगरेट, बीडी या शराब का सेवन करने से भी आमाशय में बहुत ही अधिक मात्रा में एसिडिटी बढ़ता है।

3.उर्वरक और कीटनाशक FERTILIZERS AND INSECTICIDES :-

 FERTILIZERS AND INSECTICIDES
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आज कल किसान अपने फसल को सही तरीके से उगाने और अच्छी पैदावार के लिए कई प्रकार के कीटनाशक और उर्वरक का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह जहरीले रासायनिक पदार्थ जब धीरे-धीरे खाद्य सामग्रियों के माध्यम से मनुष्य के शरीर को हनी पहुंचा रहे हैं। कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ आज कल उपयोग में लाये जा रहे हैं जो पेट में एसिडिटी और अलसर को बढ़ावा दे रहे हैं।

4.नान स्टेरॉयड एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग्स NSAIDS (NON STEROIDAL ANTI INFLAMMATORY DRUGS) :-

जब किसी मरीज़ को बुखार होता है डॉक्टर्स कई प्रकार की दवाइयां Prescribe करते हैं। उनमें कुछ NSAID दवाइयां होती हैं जिनसे भी एसिडिटी बढ़ता है।

5.मांसहारी खाना NON-VEG FOODS :-

आप लोग तो जानते ही होंगे मांसाहारी खाना में पहले से बहुत ज्यादा Fat की मात्र होती है और ऊपर से उसे बनाने के लिए लोग ज्यादा मात्र में तेल का उपयोग किया जाता है। ऐसे में यह पेट के लिए सही आहार नहीं होता है और ज्यादातर लोगों को acidity की शिकायत इसी के कारण होता है।

6.मानसिक चिंता और तनाव MENTAL STRESS :-

MENTAL STRESS
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मनुष्य का शारीर कुछ इस प्रकार का बना हुआ है कि अगर किसी व्यक्ति की चिंता बढती है और मन में तनाव बढ़ता है तो आमाशय में एसिड निकलने की मात्रा भी बढ़ जाती है।

एसिडिटी के लक्षण क्या हैं – WHAT ARE ACIDITY SYMPTOMS in Hindi :-

  • पेट में जलन जलन
  • गले और दिल में जलती हुई सनसनी
  • निगलने में कठिनाई
  • ऊर्ध्वनिक्षेप
  • बेचैनी
  • डकार
  • जी मिचलाना
  • मुंह में लंबे समय तक खट्टा स्वाद
  • सांसों की बदबू
  • खट्टी डकार
  • कब्ज

एसिडिटी से होने वाले हानिकारक बीमारिया :-

  • छाती या पेट में गंभीर दर्द
  • अत्यधिक उल्टी
  • निगलने में कठिनाई
  • आमाशय का फोड़ा
  • कैंसर

एसिडिटी का इलाज क्या है – WHAT IS Acidity Treatment in Hindi :-

खासकर एंटाएसिड का सेवन करके Acidity को कम किया जा सकता है जिनमें मंगनेसियम या कैल्शियम, या एल्युमीनियम होते हैं। एंटाएसिड मनुष्य के पेट में जा कर acid के साथ मिल कर उसे बेअसर कर देते हैं और Acidity से राहत दिलाती हैं।

कुछ बार डॉक्टर H2 receptor blockers दवाईयां भी Prescribe करते हैं जैसे Ranitidine, Famotidine. या Proton Pump Inhibitor दवाईयां जैसे Omeprazole भी देते हैं।

अगर पेट में Acidity बहुत ज्यादा बढ़ जाये तो Surgery (Vagotomy) भी करवाना पड़ सकता है।

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एसिडिटी के लिए घरेलु उपचार क्या हैं? WHAT ARE THE BEST HOME REMEDIES FOR ACIDITY?

1.एसिडिटी में अदरक है लाभदायक :-

अदरक
acidity symptoms in hindi

सबसे पहले अदरक के छिलके को निकाल दें। उसके बाद छोटे-छोटे टूकड़ों में काट लें। उन टुकड़ों को आप चाय में दाल सकते हैं, सूप बना कर पी सकते हैं, और सलाद में भी दाल कर खा सकते हैं। यह आपके एसिडिटी को कम करने में बहुत मदद करता है।

2.जीरा से कम करें एसिडिटी :-

जीरा
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एसिडिटी कम करने में जीरा बहुत ही लाभदायक होता है। अगर आपका एसिडिटी बढ़ जाये या पेट दर्द हो तो कच्चे जीरे को थोडा सा ले कर चबाएं। उसके बाद आधा गिलास पानी पियें। आधे घंटे में आपको एसिडिटी से राहत मिलेगी।

3.एसिडिटी में पुदीना है लाभदायक :-

पुदीना
acidity treatment in hindi

एसिडिटी में पुदीना के पत्तों की चटनी या पत्ते चबाने से पेड़ का दर्द कम होता है और एसिडिटी भी कम होता है। साथ ही जिन मरीजों को IBS(Irritable Bowel Syndrome) की शिकायत होती है उन्हें भी इससे बहुत फायदा होता है।

4. एसिडिटी में पियें ठंडा दूध :-

ठंडा दूध
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ठंडा दूध आपके आमाशय में उत्पन्न होने वाले आमाशय रस को स्थिर करता है और Acidity से छुटकारा दिलाता है। याद रहे दूध ठंडा होना चाहिए।

5.सौंफ चबाएं और एसिडिटी दूर करें :-

सौंफ
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सौंफ की खुशबू बहुत ही सुन्दर होती है और इसे पेट के कई प्रकार की बिमारियों जैसे बदहज़मी या एसिड रिफ्लक्स में भी बहुत लाभकारी पाया गया है।

6.केला से कम करें एसिडिटी :-

केला
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केला एक क्षारीय फल है जो Acid की मात्र को आमाशय में कम करता है। इसलिए जिन लोगों को Acidity की ज्यादा शिकायत है उन्हें हर दिन केला खाना चाहये। इससे एसिडिटी के कारण छाती जलने वाली प्रॉब्लम भीदूर होती है।

7.तुलसी के पत्ते एसिडिटी में लाभदायक :-

तुलसी को भारत में सबसे पवित्र धार्मिक पौधे के रूप में जाना जाता है। इसके बहुत सारे आयुर्वेदिक लाभ हैं परन्तु एसिडिटी को कम करने में इसको बहुत लाभदायक पाया गया है। 5-6 तुलसी के पत्ते प्रतिदिन सुबह चबाने से आपका एसिडिटी दूर हो जायेगा। यह आपके पेट में  को बढ़ा कर Acidity को कम करता है।

एसिडिटी से कैसे दूर रहें ? :-

  • चटपटा खाना ना खाएं।
  • ज्यादा तेल और फैट युक्त भोजन ना खाएं।
  • ज्यादा चाय ना पियें।
  • कम खाएं और समय पर खाना खाएं।
  • उपाय दिए हुए घरेलु तरीकों को अपनाएं।
  • ज्यादा फल और सब्जियों का सेवन करें।
  • NSAIDs दवाईयां लेना बंद करें।
  • मन को शांत रखें और चिंता छोड़े।

एसिडिटी का परीक्षण – Diagnosis of Acidity in Hindi :-

एसिडिटी का निदान कैसे किया जाता है :-

आम तौर पर जीवन शैली में बदलाव और एसिडिटी की दवाएं देने के बाद सीने में जलन के लक्षणों में किसी प्रकार का सुधार ना होता देखकर इसका निदान हो जाता है। एसिडिटी और सीने में जलन सामान्य समस्या है और इनका निदान करना भी काफी आसान होता है। हालांकि कई बार इनके कारण निमोनिया, दिल का दौरा और अन्य छाती संबंधी समस्याओं का भ्रम भी हो सकता है। निम्न प्रकार की जांच करने की आवश्यकता हो सकती है:

  • एंडोस्कोपी (Endoscopy) – विशेष प्रकार के कैमरा से तस्वीरें लेना।
  • बायोस्कोपी (Biopsy) – लेबोरेट्री में जांच के लिए ऊतक का सेंपल लेना।
  • बरियम एक्स-रे (Barium X-ray) – इसमें पहले मरीज को एक विशेष प्रकार का चुनायुक्त तरल पिलाया जाता है, और उसके बाद मरीज के इमेंजिंग टेस्ट लिए जाते हैं, उस विशेष चुना की मदद से अंदरूनी अंगों की तस्वीरें साफ आती हैं।
  • इसोफेजियल मेनोमेट्री (Esophageal manometry) – इसमें इसोफेगस के दबाव को मापा जाता है।
  • इंपीडेंस मोनिटरींग (Impedance monitoring) – इसमें इसोफेगस में अम्ल की गति दर का माप लिया जाता है।
  • पीए मॉनिटरींग (pH monitoring) – पेट की सामग्री में अम्ल के स्तर की जांच करना।

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एसिडिटी में परहेज़ – What to avoid during Acidity in Hindi :-

What to avoid during Acidity in Hindi
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एसिडिटी में क्या नहीं खाना चाहिए?

  • सूखे मेवे जैसे मूंगफली और अखरोट।
  • मीठी चीजें जैसे चीनी, संसाधित शहद।
  • कुछ प्रकार के मसाले जैसे सिरका, हरी मिर्च, काली मिर्च और दालचीनी।
  • संसाधित खाद्य पदार्थ और संसाधित पनीर।
  • अनाज और साबुत दालें।
  • शराब  गैस से भरे हुऐ पेय पदार्थ।
  • कैफिन वाले पेय जैसे चाय और कॉफी।
  • नींबू व संतरे आदि।

एसिडिटी में क्या खाना चाहिए – What to eat during Acidity in Hindi :-

What to eat during Acidity in Hindi
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एसिडिटी में क्या खाना चाहिए?

एसिडिटी होने पर आप कुछ भी उल्टा सीधा नही खा सकते वरना हानिकारक स्थित से गुजरना पड़ सकता हैं तो आप निचे दी गयी वस्तुओ को ही खाए बाकि और कुछ न खाए।

  • सब्जियां – सब्जियों में प्राकृतिक रूप से वसा व शुगर की मात्रा कम होती है, पेट में अम्ल के स्तर को कम करने में मदद करती है। सब्जियों के बेहतर विकल्प में हरी बीन्स, ब्रोकोली, फूलगोभी, हरी पत्तेदार सब्जियां, आलू और खीरे शामिल हैं।
  • अदरक – इसमें सूजन व जलन विरोधी प्राकृतिक गुण होते हैं, यह एसिडिटी को कम करने में काफी मदद करता है।
  • दलिया (ओटमील) – ओटमील साबुत अनाज होता है, तो फाइबर के लिए उत्कृष्ट है। ओटमील पेट में अम्ल को अवशोषित कर लेता है, जिससे एसिडिटी के लक्षणों में कमी की जा सकती है।
  • फल जो खट्टे ना हों – जैसे खरबूजे, केले, सेब और नाशपाती आदि खट्टे फल की तुलना में में एसिडिटी को ट्रिगर करने की बहुत कम संभावना रखते हैं।
  • अंडे का सफेद भाग – अंडे के सफेद भाग का सेवन करना भी बेहतर विकल्प है, जिनको एसिडिटी की समस्या है, उनको अंडें का पीला वाला भाग नहीं खाना चाहिए।
  • स्वास्थ्यवर्धक वसा – इसके स्त्रोत में सन के बीज, जैतून का तेल और सूरजमुखी का तेल आदि शामिल है।

कब्ज, गैस, अफारा  ये वो परेशानियां हैं, जो सुनने में तो बड़ी ही छोटी लगती हैं, लेकिन जब इनका सामना करना पड़ता है, तो अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। गलत खान-पान की वजह से पेट से जुड़ी ये परेशानियां बढ़ जाती हैं. आज की भागमभाग भरी जीवनशैली में बार का उल्टा-सीधा खाना भी अवॉइड नहीं किया जा सकता। कई बार परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि आप कुछ भी कर पाने की हालत में नहीं होते। इसीलिए हमने इसके बारे में लिखने को सोचा और आपको इसके घुरेलु उपायों के बारे में बताया। उमीद करते हैं आपको आर्टिकल पसंद आया होगा इस आर्टिकल आपने जान पहचान वालो के साथ शेयर करे और उन्हें इन सब बीमारियों से बचाए।

खुश रहे, मुस्कराते रहे और फिट रहे।

 

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