यूरिन इन्फेक्शन यानि मूत्र मार्ग संक्रामण (urine infection in hindi)पुरुषो और महिलाओ को होने वाली एक समस्या है जो आज कल की लाइफ में कब हो जाए किसी को पता नहीं होता। ये बहुत कारणो से होता है जैसे की पेशाब को ज्यादा देर रोकना या फिर diabetes मरीजो को या फिर गरब्वति स्त्री को। पेशाब में दिक्कत आना या यूरीन इन्फेक्शन होना एक आम समस्या होती जा रही है ज़्यादातर पुरुष , महिलाओं में 100 में से 70 प्रतिशत लोग कभी न कभी मूत्र रोगों से परेशान होते ही हैं।

यूरिन इन्फेक्शन क्या है (urine infection kya hai) :-

urine infection in hindi
urine infection in hindi

यूरिन इन्फेक्शन सूक्ष्मजीवों का एक संक्रमण है। ये ऐसे जीव हैं जो सूक्ष्मदर्शी के बिना देखा जा सकता है। अधिकांश यूरिन इन्फेक्शन बैक्टीरिया के कारण होते हैं, लेकिन कुछ कवक और दुर्लभ मामलों में वायरस के कारण होते हैं। यूटीआई इंसानों में सबसे आम संक्रमण में से हैं।

यूरिन इन्फेक्शन आपके मूत्र पथ में कहीं भी हो सकता है। आपका मूत्र पथ आपके गुर्दे, मूत्रमार्ग, मूत्राशय, और मूत्रमार्ग से बना होता है। अधिकांश यूटीआई (uti) में केवल निचले इलाके में मूत्रमार्ग और मूत्राशय होता है। हालांकि, ऊपरी इलाके में यूटीआई में मूत्र और गुर्दे शामिल हो सकते हैं। यद्यपि ऊपरी ट्रैक्ट यूटीआई कम ट्रैक्ट यूटीआई की तुलना में अधिक दुर्लभ हैं, लेकिन वे आमतौर पर अधिक गंभीर होते हैं।

यू टी आई आपके मूत्र मार्ग में काही भी हो सकता है। मूत्र मार्ग से तात्पर्य किडनी,ब्लैडर,या मूत्रमार्ग आदि से है। ये कभी बच्चो को भी हो जाता है तो जरूरी है इसका ध्यान रखने की और उन्हे इन छीजो के बारे में बताने की।

यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण (Urine infection ke lakshan in Hindi) :-

यूटीआई (यूरिन इन्फेक्शन) के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि मूत्र पथ का कौन सा हिस्सा संक्रमित है।निचले इलाके यूटीआई मूत्रमार्ग और मूत्राशय को प्रभावित करते हैं।

यूटीआई (uti) के निचले इलाके के लक्षणों में शामिल हैं:-

  • पेशाब करते समय जलन या दर्द होना।
  • बार बार पेशाब आना।
  • पेशाब का रंग गहरा होना।
  • पेशाब में से अधिक बदबू आना ।
  • गुप्त अंगो में खाज खुजली होना।
  • कमर से नीचे वाले हिसशे में दर्द होना।
  • पेशाब में ब्लड आना।
  • बुखार आना या ठंड लगना।
  • कमजोरी और थकान होना।
  • पेशाब में रुकावट आना और रुक रुक के पेशाब होना।
  • जिन लोगो को काफी समय से शुगर हो उन्हे भी हो सकता है।
  • पानी कम पीना।
  • गर्भावस्था के दौरान मूत्राशय या इन्फ़ैकशन होना।
  • साफ सफाई का ध्यान ना रखना।
  • लड़कियो को महवारी के समय इसके फेलने का ज्यादा chance होता है।
  • रीढ़ की हड्डी में चोट आने की वजह से मूत्राशय पर नियंत्रण ना होने की वजह से यूरिने इन्फ़ैकशन होना।
  • भूख ना लगना ,सुस्ती आय=उर मूड बदलना।
  • छोटे बच्चो मे बुकर पिलाया उल्टी दस्त और चिद्चिड़ापन आदि लक्षण डिकाइ देते है।
  • कभी कभी योन संचारित रोग भी हो सकते है। हलाकी ये बहत कम देखने को मिलता है।
  • तत्काल पेशाब हो जाने का डर लगना।

ऊपरी ट्रैक्ट यूटीआई के लक्षणों में शामिल हैं :-

  • ऊपरी हिस्से और किनारों में दर्द और कोमलता।
  • ठंड लगना।
  • बुखार आना।
  • जी मिचलाना।
  • उल्टी होना।

Also Read : Ashwagandha के 15 स्वास्थ्य लाभ और साइड इफेक्ट्स

यूरिन इन्फेक्शन के जोखिम – (Urine infection ke jokhim) :-

सभी महिलाओं में से 20-50 प्रतिशत महिला अपने जीवनकाल के दौरान कम से कम एक बार यूरिन इन्फेक्शन का अनुभव करती हैं।

गर्भवती महिलाओं को अन्य महिलाओं की तुलना में यूरिन इन्फेक्शन विकसित करने की अधिक संभावना होती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान शरीर में परिवर्तन जो यूरिन इन्फेक्शन को प्रभावित करते हैं।

चूंकि गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन महिला और शिशु स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को उनके पेशाब में बैक्टीरिया की उपस्थिति की जाँच के लिए परीक्षण करवाना चाहिए, भले ही कोई लक्षण न हो, और फैलने से रोकने के लिए एंटीबायोटिक्स के साथ इलाज किया जाए।

यूरिन इन्फेक्शन के लिए उपाय  (Urine infection ke liye upay) :-

संक्रमण से बचाने और पुनरावृत्ति के जोखिम को कम करने के कई प्राकृतिक तरीके भी हैं। नीचे यूटीआई से लड़ने के लिए शीर्ष 6 घरेलू उपचार यहां दिए गए हैं।

1. तरल पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा सेवन करे :-

Drink plenty of fluid
(Uti)-urine infection in Hindi

हाइड्रेशन स्थिति यूरिन इन्फेक्शन के जोखिम से जुड़ा हुआ है।

ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि यूरिन इन्फेक्शन को रोकने के लिए मूत्र पथ से बैक्टीरिया को मदद कर सकता है।

एक अध्ययन ने लंबी अवधि के यूरिन इन्फेक्शन वाले प्रतिभागियों की जांच की और पाया कि कम मूत्र उत्पादन यूरिन इन्फेक्शन के विकास के जोखिम को बढ़ता हैं।

2003 के एक अध्ययन में 141 लड़कियों ने देखा और दिखाया कि कम तरल पदार्थ का सेवन और कम पेशाब दोनों  यूरिन इन्फेक्शन से जुड़े थे।

एक और अध्ययन में, 28 प्रतिशत  महिलाओं ने मूत्र एकाग्रता को मापने के लिए जांच का उपयोग करके अपनी हाइड्रेशन स्थिति की निगरानी की। उन्होंने पाया कि अधिक द्रव सेवन करने वाली महिला में यूरिन इन्फेक्शन की कमी आई है।

हाइड्रेटेड रहने और अपनी तरल पदार्थ की जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी का उपयोग करे।

2. विटामिन सी सेवन को बढ़ाएं :-

vitamin c
(Uti)-urine infection in Hindi

कुछ सबूत बताते हैं कि विटामिन सी के सेवन से यूरिन इन्फेक्शन संक्रमण से बचा सकता है।

गर्भवती महिलाओं में यूटीआई के 2007 के अध्ययन ने हर दिन 100 मिलीग्राम विटामिन सी लेने के प्रभावों को देखा।

अध्ययन में पाया गया कि विटामिन सी का सुरक्षात्मक प्रभाव था, नियंत्रण समूह की तुलना में विटामिन सी लेने वाले लोगों में बहुत कम मात्रा में यूरिन इन्फेक्शन पाया गया।

एक अन्य अध्ययन ने व्यवहारिक कारकों को देखा जो यूटीआई के जोखिम को प्रभावित करते थे और पाया कि एक उच्च विटामिन सी सेवन ।

फल और सब्जियां विशेष रूप से विटामिन सी में अधिक होती हैं और आपके सेवन में वृद्धि करने का एक अच्छा तरीका है।लाल मिर्च, संतरे, अंगूर और कीवीफ्रूट में केवल विटामिन सी की पूरी अनुशंसित मात्रा होती है।

3.करौंदे का जूस पीओ :-

cranberry juice
(Uti)-urine infection in Hindi

क्रैनबेरी रस यूरिन इन्फेक्शन के लिए सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक उपचारों में से एक है। क्रैनबेरी बैक्टीरिया को मूत्र पथ के पालन से रोकने के काम करते हैं, इस प्रकार संक्रमण को रोकते हैं ।

हालांकि, कुछ अन्य अध्ययनों से पता चलता है कि यूटीआई की रोकथाम में क्रैनबेरी का रस उतना प्रभावी नहीं हो सकता है।

यद्यपि साक्ष्य मिश्रित है, यूरिन इन्फेक्शन के जोखिम को कम करने में क्रैनबेरी का रस सहायक हो सकता है।ध्यान रखें कि ये लाभ केवल स्वीकृत वाणिज्यिक ब्रांडों की बजाय नेचुरल करौंदे का जूस पर लागू होते हैं।

4.लहुसन करें यूरिन इन्फेक्शन को दूर :-

Garlic
(Uti)-urine infection in Hindi

लहसुन के कई सारे फायदे है और एक ओषधि के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है और ये स्वाद बढ़ाने के काम भी आती है।

इसके फायदे जानकार आप हैरान हो जायेंगे एक लहसुन की कलियाँ आपको आजीवन स्वस्थ बनाएं रखने के लिए काफी है।

आपको यूरिन से सम्बंधित कोई भी समस्या जैसे पेसाब में जलन, या फिर पेसाब में खुजली आप लहसुन के उपयोग क्र उन्हें दूर कर सकते है क्योंकि इसमें जीवाणुरोधी गुण पायें जाते है।

जो हमारे शरीर में मौजूद बेक्टरिया को मार कर हमें स्वस्थ बनाता है और आप तीन से चार लहसुन की कलियों को पिस कर उसका पेस्ट बनाकर मक्खन के साथ खाते है तो आपको ज्यादा फायदा होगा और आपके मुह से लहसुन की बदबू भी नही आयेगी।

ये बहुत सरल और कारगर इलाज और उपाय जो आप को कई सारी बीमारीओं से बचाए रखने में आपकी मदद करता है। पुरूषों की मर्दानगी को भी बढ़ाता है।

Also Read : रूह अफज़ा के लाभ और रेसिपी

अन्य उपचार :-

  • बेकिंग सोडा : बेकिंग सोडा ½ चमच्च पानी में मिला के पिए । बेकिंग सोडा जयादा ना ले क्योनकी के साइड इफेक्ट भी है।
  • गरम पनी की बोतल से शेक करे : अगर सुजान और दार्द है तो गरम पानी के बोतल से 10-15 मिनट सेके करे आपनी नबी के नीचे के हिस्से को।
  • अदरक खाए : अदरक खूब खाए क्यूंकि ये बैक्टीरिया का नष्ठ करता है और सुजान कम करता है। अदरक को आप सवेरे ले सकते हैं,अदरक की चाई पी सकते है और ½ इंच टुकड़ा युही चबा के खा सकते हैं या ग्रेट कर के सलाद पर डाल के खा सक्ते है।
  • मुली खाए : मूत्र संक्रमण के घरेलू उपचार में मुख्य मुली है। मुली अगर मिल जाये तो इस का रस निकल कर और जीरा पाउडर के साथ सेवन करे और खाली पेट सवेरे  और फिर शाम को खाए।
  • निंबू पीये : मूत्र संक्रमण के उपचार में  निंबू भी मूत्रमार्ग मे रहे बैक्टीरिया को नष्ठ करने मे सहयक है।
  • अपने गुप्त अंगो की सफाई अच्छे से रखे। और रोज नहाये और सभी अंगो को अचे से साफ कर के रखे।
  • अगर आपके पार्टनर यूरिने इन्फ़ैकशन है तो जब तक वो पूरी तरह ठीक ना होजाए तब तक उससे संभोग ना करे।
  •  इन्फ़ैकशन से बचने के लिए गोमुकासन का योग करे।
  •  पेशाब आने पर उसे रोके ना नहीं तो इन्फ़ैकशन ज्यादा होने का डर होता है। इसलिए जरूरी है जब भी पेशाब आए तो तुरंत कर ले।
  •  संभोग के बाद पेशाब अवश्य करे और गुप्त अंगो की अच्छे से सफाई करे जिससे वहा बैक्टीरिया जमा न हो पाये।
  • पब्लिक बाथरूम में पेशाब करने से पहले flus जरूर करे।ऐसी जगह पेशाब ना करे जहा बहुत गंदगी हो।
  • यूरीन इन्फेक्शन के समय चाय, कॉफी, और चॉकलेट को हाथ भी न लगाएं।
  •  दालचीनी, और बूचा चाय की पत्तियां, हपूशाा आदि अच्‍छे घरेलू उपचार हैं। ऐसे में आप मही यानी के मठ्ठा भी पी लें तो ये सबसे अच्छा समाधान हैं।
  • एक जड़ी बूटी मिलती है जिसका नाम इचीनेशिया होता है, जो इंफेक्‍शन को फैलाने वाले बैक्‍टीरिया को मारती है। ऐसे में इस हर्ब की चाय का सेवन करने से यह बीमारी पूरी तरह से सही हो सकती है।

 इन उपायों से दूर रहे अगर आपको यूरिन इन्फेक्शन हैं तो  :-

यूरिन इन्फेक्शन की समस्या ज्यादातर महिलायों को होती है लेकिन आजकल के खान पान के कारण ये समस्या अब पुरूषों में भी एक वायरस की तरह फ़ैल रही है जिससे उन्हें काफी तक्तीफ होती है। क्योंकि अपने काम करने के दौरान इस तरह की समस्या होती है तो पब्लिक के सामने खुजली करना शर्मनाक होता है।

और इसलिए इसका इलाज करना बहुत जरूरी है। यदि आप किसी डॉक्टर के पास जाते है तो इस बीमारी के आपको कई सारे पैसे देने पड़ते है। इस बीमारी के इलाज के लिए आपको धनिये के बीजों का इस्तेमाल करना है।

आप लगभग आधा चम्मच धनिये के बीजो को पीसकर उनका पाउडर बना लें फिर एक गिलास साफ़ पानी में थोड़ी सी मिठास के शक्कर मिला लें और इसे ठंडा करने के लिए छोड़ दें फिर पानी में धनिये के पाउडर को मिला लें और और फिर सुबह और शाम इस पानी को पीयें आपको तुरंत ही यूरिन इन्फेक्शन से छुटकारा मिल जायेगा।

इतना अगर आप सावधानी और घरेलू उपाय करे तो आपको कभी भी इस इन्फ़ैकशन या अन्य कोई बीमारियो का सामना नहीं करना पड़ सकता है। क्यूकी ये हमारी लाइफ के कुछ अच्छे टिप्स में से है जो हमे बीमारियो से लड़ने बहुत सहायक होते है। और इन्फ़ैकशन होने के दौरान कोई भी मैडिसिन बिना अपने डॉक्टर के सलाह की बिना ना ले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here